अभिषेक बनर्जी के घर पर हमला! खिड़कियों पर बरसाए पत्थर, CCTV सामने आने के बाद गरमाई बंगाल की सियासत

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति के बीच मंगलवार को एक सनसनीखेज घटना सामने आई, जब तृणमूल कांग्रेस के सांसद और राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के कोलकाता स्थित आवास पर कथित तौर पर पथराव किया गया। घटना में घर की पहली मंजिल की खिड़कियों के शीशे टूट गए। मामले का सीसीटीवी वीडियो सामने आने के बाद राज्य की सियासत गरमा गई है। तृणमूल कांग्रेस ने इस घटना को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा है।

CCTV में कैद हुई पूरी घटना

सामने आए सीसीटीवी फुटेज में एक युवक बाइक से अभिषेक बनर्जी के घर के बाहर पहुंचता दिखाई देता है। वीडियो में युवक बाइक रोककर घर की पहली मंजिल की ओर पत्थर फेंकता नजर आ रहा है। बताया जा रहा है कि उसने दो बार पत्थर फेंके, जिससे खिड़कियों के कांच टूट गए। घटना को अंजाम देने के बाद वह मौके से निकल गया।

अभिषेक बनर्जी ने उठाए गंभीर सवाल

घटना के बाद अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह केवल कानून-व्यवस्था की विफलता का मामला नहीं है, बल्कि हिंसा को संस्थागत रूप देने की चिंताजनक प्रवृत्ति को भी दर्शाता है।

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि घटना के समय पुलिस कहां थी और आखिर किसके संरक्षण में हमलावर इतनी आसानी से वारदात को अंजाम देकर निकल गया।

‘अपराधियों में कार्रवाई का डर नहीं’

अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि राज्य में ऐसा माहौल बन गया है जहां अपराधी बिना किसी भय के घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि अपराधियों को यह भरोसा है कि उन्हें किसी प्रकार की कार्रवाई का सामना नहीं करना पड़ेगा, जिससे कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

नए कानून पर भी उठाए सवाल

तृणमूल नेता ने हाल ही में पारित पश्चिम बंगाल पब्लिक सेफ्टी एंड कंट्रोल ऑफ एंटी सोशल एक्टिविटीज बिल, 2026 का जिक्र करते हुए पूछा कि क्या यह कानून ऐसे लोगों पर भी लागू होगा जो राजनीतिक संरक्षण के बल पर अपराध कर रहे हैं। उन्होंने राज्य की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताते हुए इसे बेहद गंभीर मामला बताया।

घटना के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल

अभिषेक बनर्जी के घर पर हुए कथित पथराव की घटना ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। मामले को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं, जबकि घटना की जांच और हमलावर की पहचान को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की नजरें अब सीसीटीवी फुटेज पर टिकी हैं।

 

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